गौ-संवर्धन योजना हरियाणा 2024

गौ-संवर्धन योजना हरियाणा 2024:- राज्य सरकार ने देसी गायों से दुग्ध उत्पादन करने वाले लोगो की मदद के लिए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है इस योजना के तहत स्वदेशी गायों के विकास एवं संरक्षण करने हेतु गौ संवर्धन 2015-16 के तहत दी जाएगी। गौ-संवर्धन योजना के माध्यम से ‘हरियाना’ और ‘साहीवाल’ नस्ल की गाय पालको को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 6 से 8 किलोग्राम तक दूध देने वाली हरियाना गाय के लिए 10,000, 8 से 10 किलो तक दूध देने वाली इसी नस्ल की गाय के लिए लोगो को 15000 और 10 किलो से अधिक दूध देने वाली गाय के पालक को २०००० रुपये की प्रोत्साहन राशि हरियाणा सरकार प्रदान करेगी।

गौ-संवर्धन योजना

गो संवर्धन योजना का मकसद गाय पालन को बढ़ावा देने से है इस योजना के अंतर्गत

गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने गो संवर्धन योजना शुरू की है। इसके तहत तीन से 10 गाय तक खरीदने के लिए पशु पालक को 50 फीसद सब्सिडी पर ऋण दिया जाएगा। चाहे तो बेरोजगार युवा डेयरी बनाकर स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। अब गाय को पालने में लोग कम दिलचस्पी लेते हैं। यही वजह है कि गाय आवारा पशु की तरह से घूमती रहती है। आए दिन शहरों में गायों को गो तस्कर उठा कर ले जाते हैं और फिर उनका मीट बेचते हैं। गाय की सुरक्षा और इसकी देखभाल की जा सके। इसलिए सरकार ने गो संवर्धन योजना शुरू की है। योजना के तहत एक डेयरी इकाई पर किसानों को 10 लाख तक का ऋण मिलेगा। इसमें सामान्य वर्ग को 25 और अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को 33 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। साथ ही सरकार हर साल 25 हजार रुपए बैंक का ब्याज भी 7 साल तक जमा करेगी। योजना में किसानों को सब्सिडी के रूप में पहले ही आर्थिक लाभ मिल रहा है। दूध उत्पादन के साथ अलग मुनाफा होगा सात साल तक कुल 1 लाख 75 हजार रुपए का ब्याज भी सरकार जमा करेगी।

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आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना के तहत हितग्राहियों को 10 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसके लिए आवश्यक है कि हितग्राही के पास कम से कम एक एकड़ जमीन का होना आवश्यक है। प्रदेश सरकार की यह योजना 2018 में शुरू की गई। इस योजना के लाभ लेने के हितग्राही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य युवओं को रोजगार उपलब्ध कराना एवं दुग्ध उत्पादन में बढ़ाना है।

Key Highlights Of गौ-संवर्धन योजना हरियाणा

योजना का नामगौ-संवर्धन योजना हरियाणा 2024
योजना किसके द्वारा आरंभ की गईहरियाणा सरकार
लाभार्थीहरियाणा के गाय पालक
उद्देश्यगाय पालन को बढ़ावा देने के लिए
आधिकारिक वेबसाइटपशुपालन-एवं-डेयरी-विभाग
साल2024
आवेदन का प्रकार

इस तरह से मिलेगा किसानों को लाभ

एक डेयरी इकाई के लिए 10 लाख का ऋण बैंक से मंजूर हाेगा। सामान्य वर्ग के किसानों को सरकार 25 फीसदी सब्सिडी राशि 2 लाख 50 हजार और वर्ग के किसानों को 3 लाख 33 हजार सब्सिडी रहेगी। यह राशि बैकों में मार्जिन मनी के रूप में भी जमा रहेगी। सामान्य किसानों को 4.25 लाख और अजा व अजजा किसानों को 5 लाख रुपए का सीधा लाभ होगा।

किसानों के लिए नई है योजना

किसानों को दूध उत्पादन से जोड़ने के आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना शुरू की गई है। एक किसान 10 लाख रुपए में डेयरी इकाई शुरू कर सकता है। जिले में 18 दूध डेयरी खोलने का टारगेट मिला है। जिसमें 15 सामान्य वर्ग व 3 अजा, अजजा के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस साल यह नई योजना है इसका किसानों को कितना लाभ होगा यह तो अगले वित्तीय वर्ष में ही पता चलेगा। वीके तिवारी, सहायक संचालक, पशु चिकित्सा विभाग, टीकमगढ़

फैक्ट फाइल

गाय 3,64,000

भैंस 2,31,000

बकरी 2,19,000

भेड़ 42,000 हजार

(2011 की पशु जनगणना के अनुसार) टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा गिर व हरियाणा नस्ल की गाय है।


इस साल मिला 18 डेयरी इकाई का लक्ष्य

जिले में पहले साल 18 डेयरी इकाई शुरू करने का लक्ष्य मिला है। इसमें सामान्य वर्ग को 15 व 3 अजा-अजजा के किसानों के प्रकरण स्वीकृत किए जाएंगे। योजना की शर्त के अनुसार किसान के पास कम से कम एक एकड़ जमीन हाेना जरूरी है। जिले में मौजूद नस्ल के गाय भैंस किसान नहीं खरीद सकते। शर्त में किसान को बाहर से उन्नत नस्ल के पशु खरीदकर लाना होंगे। 10 लाख में से 20 फीसदी राशि अधोसंरचना यानि पशु शेड, दूध के वर्तन आदि पर खर्च की जा सकेगी।

देसी नस्ल

योजना के तहत देसी नस्ल की एक गाय खरीदने के लिए 30 हजार रुपये ऋण के रूप में मिलते हैं। कम से कम पशुपालक को तीन गाय का ऋण मिलेगा और ज्यादा से ज्यादा 10 गाय का ऋण मिलेगा। इसलिए योजना के तहत 90 हजार से लेकर 3 लाख रुपये तक ऋण मिलेगा।

योजना के तहत देसी नस्ल की गाय के दूध की रिकार्डिंग करने पर पशु पालक को पुरस्कार देने की भी योजना भी शुरू की है। देसी नस्ल की गाय जो 6 से 8 किलोग्राम दूध देगी उसके मालिक को 5 हजार रुपये, 8 से 10 किलोग्राम दूध देने वाली गाय के मालिक को 10 हजार रुपये, 10 किलोग्राम से अधिक दूध देने वाली गाय के मालिक को 15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

साइवाल नस्ल

साइवाल नस्ल की गाय के लिए शुरू की गई ऋण योजना में एक गाय की कीमत 40 हजार रुपये मानी गई है। साइवाल की कम से कम तीन और अधिक से अधिक 10 गाय के लिए ऋण ले सकते हैँ। 1.20 लाख से 4 लाख रुपये तक का सबसिडी पर ऋण दिया जा रहा है। साइवाल नस्ल की गाय को भी पुरस्कार देने की घोषणा शुरू की गई है। इस योजना के तहत 10 किलोग्राम दूध देने वाली गाय के मालिक को 10 हजार रुपये, 10 से 15 किलोग्राम दूध देनी वाली गाय के मालिक को 15 हजार रुपये और 15 किलोग्राम से अधिक दूध देने वाली गाय के मालिक को 20 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे।

गो संवर्धन योजना के तहत सभी गायों की नस्ल की पहचान करके बायोमीट्रिक मशीन से उनके कान पर टैग लगाया जाएगा। चिन्हित गायों का एक स्वास्थ्य कार्ड बनाया जाएगा। इन गायों की नियमित स्वास्थ्य की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। मुख्य रूप से यह योजना गाय की नस्लों को बढ़ावा देना और फिर हरियाणा की नस्ल के नाम से गाय को देश में प्रसिद्धी दिलाना है।

इन गायों का पालन करने पर मिल रही है सब्सिडी

हरियाणा को कृषि प्रधान राज्यों की श्रेणी में गिना जाता है. इस राज्य के ग्रामीण बड़ी संख्या में खेती-किसानी के अलावा पशुपालन पर निर्भर हैं. गाय और भैंस पालन के माध्यम से किसान दुग्ध व्यवसाय से  जुड़कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य में देसी गायों के पालन को  प्रोत्साहित किया जा रहा है. हरयाणा, साहीवाल और बेलाही नस्ल की गायों घर लाने पर हरियाणा सरकार द्वारा 5,000 से 20,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है.

गौ-संवर्धन योजना हरियाणा की पात्रता

योजना सभी वर्ग के हितग्राहीयों के लिए।
हितग्राही के पास 5 पशुओं हेतु न्यूनतम 1 एकड़ कृषि भूमि होना आवश्यक है तथा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने से आनुपातिक रूप से वृद्धि करते हुए न्यूनतम कृषि भूमि का निर्धारण किया जाएगा।
मिल्क रूट के क्रियान्वयन को प्राथमिकता।

लागत

पशुपालक न्यूनतम 5 या इससे अधिक पशु की योजना स्वीकृत करा सकेगा तथा परियोजना की अधिकतम सीमा राशि रू. 10.00 लाख तक होगी ।
परियोजना लागत का 75 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करनी होगी तथा शेष राशि की व्यवस्था मार्जिन मनी सहायता एवं हितग्राही का स्वयं के अंशदान के रूप में करनी होगी।
इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम रू. 25,000 प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी। 5 प्रतिशत से अधिक शेष ब्याज दर पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हितग्राही को स्वयं करना होगी।

गौ-संवर्धन योजना हरियाणा की चयन प्रक्रिया

हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन। ग्राम सभा से अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन। जनपद पंचायत के अनुमोदन उपरांत जिले के उप संचालक पशुपालन विभाग अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृति हेतु बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेगें।

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